पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक कार्यकर्ता सम्मेलन में ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोला। अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, अवैध घुसपैठियों को पनाह देने और चुनावी फायदे के लिए सीमा सुरक्षा में जानबूझकर बाधाएं खड़ी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए कभी कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है और 12 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसके बावजूद सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा“क्या यह पैसा आपके गांव तक पहुंचा? मोदी जी जो धन भेजते हैं, वह टीएमसी सिंडिकेट की जेब में चला जाता है। अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी, तो एक-एक रुपया सीधे गांवों और गरीबों तक पहुंचेगा, बिना किसी कट मनी के।”

गृह मंत्री ने टीएमसी पर राजनीतिक हिंसा के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनावों के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सात से अधिक बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या की, सैकड़ों को घायल किया, घर जलाए और कई लोगों को झूठे मामलों में जेल भेजा। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से शहीद साथियों को याद रखने और पूरी ताकत से पार्टी को बंगाल में पहली बार सत्ता में लाने का आह्वान किया।
अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पार्टी देश के 21 राज्यों में सरकार बना चुकी है, लेकिन जब तक 22वां राज्य पश्चिम बंगाल नहीं बनता, तब तक संतोष नहीं होगा। उन्होंने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं की शहादत और उनके परिवारों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि तृणमूल सरकार का जाना तय है। उन्होंने कहा कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनना न केवल राज्य के विकास, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। उनका आरोप था कि राज्य में प्रशासन और पुलिस अवैध प्रवासियों को रोकने में विफल रही है और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जा रहा है।
कोलकाता के पास आनंदपुर इलाके में मोमो बनाने की एक फैक्ट्री में हाल ही में लगी आग का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि ममता बनर्जी सरकार के भ्रष्टाचार का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार अब संस्थागत रूप ले चुका है।

अंत में अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर हैं, तो आगामी विधानसभा चुनाव में “दागी मंत्रियों” को टिकट न देकर यह साबित करें। उनके इस तीखे हमले से साफ है कि बंगाल की सियासत में आने वाले दिनों में टकराव और तेज होने वाला है।