Home राजनीतिभाषा को ‘बीमारी’ बताने वाले बयान पर राज ठाकरे का तीखा हमला, बोले मराठी अस्मिता से समझौता नहीं

भाषा को ‘बीमारी’ बताने वाले बयान पर राज ठाकरे का तीखा हमला, बोले मराठी अस्मिता से समझौता नहीं

by Real Khabren
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भाषा को ‘बीमारी’ बताने वाले बयान

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा भाषा को लेकर दिए गए बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने मोहन भागवत के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे भाषिक और प्रांतिक अस्मिता का अपमान बताया है।
राज ठाकरे ने कहा कि भाषा और प्रांत से प्रेम अगर किसी को बीमारी लगता है, तो यह तथाकथित बीमारी देश के अधिकतर राज्यों में मौजूद है। उन्होंने कहा कि भाषावार प्रांतों का गठन किसी सनक का नतीजा नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक लंबा ऐतिहासिक संघर्ष रहा है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

मनसे प्रमुख ने सवाल उठाया कि जब देश के अलग-अलग राज्यों में बाहरी लोग स्थानीय भाषा, संस्कृति और पहचान का अपमान करते हैं, तब विरोध स्वाभाविक होता है। इसे बीमारी कहकर खारिज करना वास्तविकता से आंख चुराने जैसा है। उन्होंने दक्षिण भारत, पंजाब, पश्चिम बंगाल और गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि भाषिक अस्मिता हर जगह मजबूत है, सिर्फ महाराष्ट्र में ही नहीं।
राज ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर अप्रत्यक्ष राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर संघ समरसता की बात करता है, तो उसे हिंदी थोपने वाली नीतियों पर भी खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की राष्ट्रभाषा नहीं है, फिर भी इसे जबरन आगे बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मराठी भाषा और मराठी मानुष उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि जब-जब भाषिक और प्रांतिक अस्मिता पर हमला होगा, महाराष्ट्र पहले की तरह मजबूती से खड़ा रहेगा।

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