मुंबई के ऐतिहासिक वीरमाता जिजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान एवं प्राणिसंग्रहालय में आज 29वें मुंबई पुष्पोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। रंग-बिरंगे फूलों, सुगंधित पौधों और अनोखी कलात्मक सजावट ने पहले ही दिन मुंबईकरों का दिल जीत लिया।
इस पुष्पोत्सव का उद्घाटन बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक श्री. भूषण गगराणी और अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगरे) डॉ. अविनाश ढाकणे की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उप आयुक्त (उद्यान) श्री. अजितकुमार आंबी, उद्यान अधीक्षक श्री. जितेंद्र परदेशी, प्राणिसंग्रहालय के संचालक डॉ. संजय त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और मान्यवर मौजूद रहे।
इस वर्ष पुष्पोत्सव की विशेष थीम “संगीत और फूल” रखी गई है। रंग-बिरंगे फूलों से सजे बासुरी, तबला, वीणा, सितार, मृदंग, गिटार, पेटी, सनई, तुतारी और सैक्सोफोन जैसे संगीत वाद्य यंत्रों की प्रतिकृतियां दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। वहीं शोभे के पत्थरों से उकेरा गया भारतरत्न लता मंगेशकर का चित्र भी लोगों को भावुक कर रहा है।

पुष्पोत्सव में गुलाब, गेंदा, मोगरा जैसे सुगंधित फूलों के साथ-साथ फुलझाड़ियां, फलदार पौधे, औषधीय वनस्पतियां, बेलें, सब्जियों और मसालों के पौधे भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा आकर्षक बोन्साई प्रजातियां भी दर्शकों को खासा लुभा रही हैं।
महानगरपालिका आयुक्त श्री. भूषण गगराणी ने मुंबईकरों से इस पुष्पोत्सव का आनंद लेने और अधिक से अधिक संख्या में इसे देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस आयोजन को सुंदर और यादगार बनाने के लिए सराहनीय कार्य किया है।

वहीं डॉ. अविनाश ढाकणे ने जानकारी दी कि भविष्य में पूर्व और पश्चिम उपनगरों में भी इसी तरह के पुष्पोत्सव आयोजित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपने घरों और आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए फूलों और पौधों को लगाने का आग्रह किया।
पुष्पोत्सव में बागवानी से जुड़े उपकरण, खाद, कीटनाशक, गमले और फव्वारे जैसे सामानों की बिक्री के लिए विशेष स्टॉल भी लगाए गए हैं। पहले ही दिन बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी ने पुष्पोत्सव की लोकप्रियता को दर्शा दिया।
मुंबई पुष्पोत्सव 6 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा, जहां मुंबईकर प्रकृति, रंगों और सुगंधों की इस अनोखी दुनिया का अनुभव कर सकते हैं।