
मुंबई में अब हस्तांतरणीय विकास अधिकार यानी TDR से जुड़े सभी लेन-देन पूरी तरह डिजिटल होने जा रहे हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी ने 10 मई 2026 से नई ई-टीडीआर प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद पारंपरिक तरीके से होने वाले सभी TDR ट्रांजैक्शन पूरी तरह बंद हो जाएंगे।
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग के सहयोग से तैयार की गई यह E-TDR प्रणाली देश का पहला एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे 15 अप्रैल 2026 से लागू किया गया था। शुरुआती दौर में पुरानी और नई दोनों व्यवस्थाएं साथ-साथ चल रही थीं, लेकिन अब इस सिस्टम को पूरी तरह लागू करने का फैसला लिया गया है।
इस नई डिजिटल व्यवस्था के जरिए खरीदार और विक्रेता रजिस्ट्रेशन के बाद अपने लेन-देन को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और तेज तरीके से पूरा कर सकेंगे। इसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, खरीदार-विक्रेता खोजने की सुविधा, पारदर्शी रेट, बैंकिंग के जरिए सुरक्षित भुगतान और समयबद्ध मंजूरी जैसी कई सुविधाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही, अंतिम ट्रांजैक्शन के बाद डेवलपमेंट राइट्स सर्टिफिकेट सीधे संबंधित व्यक्ति के नाम ट्रांसफर हो जाएगा, जिससे प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।
बीएमसी ने नागरिकों और डेवलपर्स की मदद के लिए वेबिनार, यूजर मैनुअल और ऑनलाइन हेल्प सिस्टम भी शुरू किया है। साथ ही, मुख्यालय में भी ऑफलाइन सहायता केंद्र उपलब्ध कराया गया है।
बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे 10 मई से पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर लें और नई डिजिटल प्रणाली का उपयोग कर पारदर्शी और सुरक्षित लेन-देन में सहयोग करें।