मुंबई: राज्य के करीब दो लाख आईटीआई विद्यार्थियों को अब चरणबद्ध तरीके से आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल राज्य के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढा की संकल्पना के तहत शुरू की जा रही है। इस संबंध में ‘अनिरुद्धाज् अकॅडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंट’ और कौशल विभाग के अंतर्गत व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संचालनालय के बीच सामंजस्य करार (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को सशक्त बनाने के लिए योग दिवस, खेलो इंडिया जैसे कई राष्ट्रीय कार्यक्रम चला रहे हैं। उसी भावना के तहत राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में आईटीआई संस्थानों में खेल महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। अब इसी कड़ी में जनसेवा की भावना को मजबूत करने के लिए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आपदा कभी भी और बिना सूचना के आ सकती है, चाहे वह प्राकृतिक हो या मानव निर्मित। ऐसे समय में मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से जिला आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य का प्रशिक्षण हर नागरिक को लेना चाहिए।

इस करार के तहत राज्य के 419 सरकारी आईटीआई संस्थानों में छात्रों को निःशुल्क, प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अकैडमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मंत्री ने बताया कि बदलते समय के साथ आपदाओं का स्वरूप भी बदल रहा है, इसलिए नई पीढ़ी को आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना आवश्यक है।

व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संचालनालय की संचालिका माधवी सरदेशमुख ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली विभिन्न आपदाओं का अध्ययन कर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया और समन्वय जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस अवसर पर संचालनालय के सह संचालक सतीश सूर्यवंशी और अकैडमी के प्रतिनिधि हरीश महाजन भी उपस्थित थे।
इस पहल से आईटीआई छात्रों में न केवल तकनीकी कौशल का विकास होगा, बल्कि वे आपदा के समय समाज और प्रशासन की मदद के लिए भी तैयार