Home राज्यउत्तर प्रदेशकाशी की गुलाबी मीनाकारी का ग्लोबल जलवा, बेंगलुरु ज्वेलरी शो में यूपी की कला चमकी

काशी की गुलाबी मीनाकारी का ग्लोबल जलवा, बेंगलुरु ज्वेलरी शो में यूपी की कला चमकी

by Suhani Sharma
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उत्तर प्रदेश की पारंपरिक हस्तकला काशी की गुलाबी मीनाकारी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी खास पहचान बना रही है। बेंगलुरु में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो भारत तृतीया-2026 में इस कला ने देश-विदेश के जेम्स और ज्वेलरी विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बारीक कारीगरी, आकर्षक रंगों और पारंपरिक डिजाइनों से सजी गुलाबी मीनाकारी इस प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर में 21 से 23 मार्च तक किया गया। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश से केवल एक शिल्पी, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कुंज बिहारी को यहां स्टॉल लगाने का मौका मिला, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।


काशी की गलियों में सीमित रही यह कला अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रही है। प्रदर्शनी के दौरान गुलाबी मीनाकारी के आभूषणों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और अब तक 50 लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर मिल चुके हैं। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ और मीनाक्षी मंदिर से प्रेरित डिजाइनों की खास मांग देखी जा रही है।


इस शो में करीब 1300 स्टॉल लगाए गए हैं और 40 देशों से हजारों विजिटर्स के पहुंचने की संभावना जताई गई है। यह मंच न केवल व्यापारिक अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि छोटे कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
गुलाबी मीनाकारी की खासियत इसकी जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सोने-चांदी को लगभग 800 डिग्री सेल्सियस तापमान पर तपाकर और मेटल ऑक्साइड से रंग तैयार कर अद्भुत कलाकृतियां बनाई जाती हैं।
सरकार की जीआई टैग और ओडीओपी जैसी योजनाओं से इस पारंपरिक कला को नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कला को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिससे कारीगरों को न केवल सम्मान बल्कि बेहतर आजीविका भी मिल रही है।
कुल मिलाकर, काशी की गुलाबी मीनाकारी अब लोकल से ग्लोबल बनते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया भर में नई चमक दे रही है।

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