पश्चिम बंगाल के आसनसोल से एक भावनात्मक और अहम खबर सामने आई है, जहां बस्तिन बाजार स्थित अति प्राचीन दुर्गा मंदिर के कपाट पूरे 15 साल बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मंदिर के खुलते ही इलाके में खुशी, उत्साह और धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला। शंखध्वनि, मंत्रोच्चार और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उनकी आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। बीते डेढ़ दशक से यह मंदिर विभिन्न विवादों के चलते बंद पड़ा था। स्थिति यह थी कि साल में केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे बड़े त्योहारों के दौरान ही मंदिर के कपाट खोले जाते थे, जबकि बाकी समय श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित रहना पड़ता था।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद इस स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बर्धमान जिले की सभी सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद आसनसोल उत्तर सीट से विजयी उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी ने अपना चुनावी वादा निभाते हुए मंदिर को सालभर श्रद्धालुओं के लिए खोलने की पहल की।
मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे, पूजा-अर्चना की और इस मौके को उत्सव की तरह मनाया। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे और अब उनकी आस्था को फिर से एक स्थायी स्थान मिल गया है।
यह घटना केवल एक मंदिर के खुलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।