
महाराष्ट्र में वारकरी संप्रदाय और संत परंपरा को लेकर सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार गुट ने ह.भ.प. विकास लवांडे महाराज पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की संत परंपरा, वारकरी विचारधारा और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और युवक मुंबई अध्यक्ष एडवोकेट अमोल मातेले ने बयान जारी कर कहा कि कुछ स्वयंघोषित धर्मरक्षक वारकरी संप्रदाय में घुसपैठ कर इसकी पवित्र परंपरा को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास लवांडे महाराज के साथ धक्कामुक्की, चेहरे पर कालिख पोतने और पिस्तौल दिखाकर धमकाने जैसी घटनाएं संत संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकतीं।
अमोल मातेले ने कहा कि संत ज्ञानेश्वर और तुकाराम महाराज ने समाज को मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया था, लेकिन कुछ लोग भगवा वस्त्रों की आड़ में नफरत की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को वारकरी परंपरा के नाम पर समाज में जहर घोलने वाला बताया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट ने पुलिस प्रशासन से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
पार्टी ने कहा कि महाराष्ट्र की संत परंपरा में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाता है, हिंसा और गुंडागर्दी से नहीं।