मुंबई के प्रमुख सरकारी अस्पताल केईएम अस्पताल का नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर सियासत तेज हो गई है। आज सुबह 11 बजे विपक्ष ने इस फैसले के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया।

विरोधी पक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर और विधायक अजय चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर डीन कार्यालय में अपना विरोध दर्ज कराया। दोनों नेताओं ने साफ कहा कि केईएम अस्पताल सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि मुंबई की पहचान और आम जनता के भरोसे का प्रतीक है, जिसे बदलना उचित नहीं है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार बिना व्यापक चर्चा और जनता की राय लिए ऐतिहासिक संस्थानों के नाम बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं, इस पूरे मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस विरोध के बाद क्या रुख अपनाती है।