
मुंबई से बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जहां केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है।
रामदास आठवले ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को महाराष्ट्र का सही इतिहास नहीं मालूम है और उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शास्त्री का काम भविष्यवाणी करना है, इतिहास को गलत तरीके से पेश करना नहीं।
आठवले ने आगे कहा कि महाराष्ट्र की पहचान अंधश्रद्धा फैलाने वालों से नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने वाले संतों और महापुरुषों से है। उन्होंने संत तुकाराम, ज्योतिराव फुले, शाहू महाराज, भीमराव आंबेडकर और संत गाडगे बाबा का उल्लेख करते हुए कहा कि यही महाराष्ट्र की असली विरासत है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और इतिहास पर पूरे देश को गर्व है, इसलिए उनके बारे में किसी भी तरह की गलत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। आठवले ने धीरेंद्र शास्त्री को सलाह दी कि वे पहले महाराष्ट्र के इतिहास का गहन अध्ययन करें, उसके बाद ही कोई सार्वजनिक बयान दें।