Home वेब स्टोरीजडीजल न मिलने से तड़पते मरीज की मौत, बलिया में सिस्टम फेल; डीएम ने एसडीएम को नोटिस देकर जांच के दिए आदेश

डीजल न मिलने से तड़पते मरीज की मौत, बलिया में सिस्टम फेल; डीएम ने एसडीएम को नोटिस देकर जांच के दिए आदेश

by Real Khabren
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एंबुलेंस में डीजल खत्म हो जाने और समय पर मदद न मिलने के कारण एक 50 वर्षीय मरीज की जान चली गई।


जानकारी के मुताबिक, बैरिया थाना क्षेत्र के पांडेपुर निवासी छट्ठू शर्मा को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और उन्हें इलाज के लिए बलिया जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही एंबुलेंस का डीजल खत्म हो गया, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ती चली गई। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस चालक ने नजदीकी पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए गुहार लगाई। मरीज के साथ मौजूद ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव ने भी पंप संचालक से बार-बार अनुरोध किया कि मरीज की हालत गंभीर है और कम से कम 5 लीटर डीजल दे दिया जाए, ताकि समय रहते अस्पताल पहुंचा जा सके। लेकिन पंप संचालक ने डीजल खत्म होने का हवाला देकर देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद ग्राम प्रधान ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) बैरिया को फोन कर मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि वहां से भी कोई ठोस सहायता नहीं मिली। मजबूरन, गांव के लोगों ने तीन-चार मोटरसाइकिलों से पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला और मरीज को अस्पताल ले जाने की कोशिश की।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में छट्ठू शर्मा ने दम तोड़ दिया। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर डीजल मिल गया होता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।


घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेट्रोल पंप पर पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल मौजूद था, इसके बावजूद एंबुलेंस को ईंधन नहीं दिया गया।
डीएम ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों को तलब किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही, एसडीएम बैरिया को लापरवाही के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और भविष्य के लिए चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जाए।यह घटना एक बार फिर सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां समय पर छोटी सी मदद न मिलने से एक व्यक्ति की जान चली गई।

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