मुंबई महानगरपालिका के वर्ष 2026-27 के बजट पर लंबी और विस्तृत चर्चा के बाद महापौर ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया है। करीब 94 घंटे तक चली इस चर्चा में कुल 188 नगरसेवकों और महानगरपालिका आयुक्त ने भाग लिया। 12 दिनों तक चले इस विचार-विमर्श को महापौर ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का प्रतीक बताया। महापौर ने कहा कि करीब 485 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली मुंबई के हर हिस्से से आए प्रतिनिधियों ने देर रात तक गंभीरता और अध्ययन के साथ अपने सुझाव रखे।

उन्होंने इसे महानगरपालिका के इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, जहां बड़ी संख्या में सदस्यों को विस्तार से अपनी बात रखने का अवसर मिला।इस बार बजट चर्चा का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे करोड़ों नागरिकों को कार्यवाही देखने का मौका मिला। महापौर ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि शहर के विकास का खाका होता है। इसमें योजनाबद्ध तरीके से संसाधनों का उपयोग, पारदर्शिता, जिम्मेदारी और प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। महापौर ने स्पष्ट किया कि सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को अमल में लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बजट में मुंबई के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बुनियादी ढांचे, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, परिवहन और डिजिटल प्रशासन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। महापौर ने प्रशासन और अधिकारियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बजट तभी सफल होगा जब उसकी सभी योजनाओं का 100 प्रतिशत उपयोग और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने महानगरपालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों, सचिवालय और मीडिया का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अंत में महापौर ने कहा कि बजट का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब आय के प्रस्तावों को मंजूरी दी जानी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य मिलकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे और यह बजट मुंबई के विकास को नई गति देगा।