लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स के पद पर कार्यरत रहे तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को अब कासगंज का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।यह जिम्मेदारी उनके बेहतरीन कार्यशैली, ईमानदार सेवा और मजबूत नेतृत्व क्षमता का परिणाम मानी जा रही है।जनपद बस्ती में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर रहते हुए ओपी सिंह ने अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनका व्यक्तित्व जितना सादा था उतना ही प्रभावशाली भी।
उनका एक खास अंदाज अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय रहता था। दोनों हाथ जेब में डाले हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ क्षेत्र का मुआयना करते हुए आगे बढ़ना। यह केवल चलने का अंदाज नहीं बल्कि एक ऐसे अधिकारी का आत्मविश्वास था जिसे अपने कर्तव्य और अपने फैसलों पर पूरा भरोसा था।

बस्ती में उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी के साथ उनकी जोड़ी भी खूब चर्चा में रही। सीओ सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी की फील्ड में सक्रियता और ओपी सिंह की रणनीतिक सोच ने मिलकर कई बड़े अभियानों को सफल बनाया। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में दोनों अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम रही।जब ओपी सिंह और सीओ सत्येंद्र भूषण तिवारी किसी भी अभियान में साथ उतरते थे तो पुलिस टीम का मनोबल दोगुना हो जाता था और अपराधियों के हौसले पस्त पड़ जाते थे। दोनों अधिकारियों की आपसी समझ, तेज निर्णय क्षमता और फील्ड में मजबूत पकड़ ने बस्ती में पुलिसिंग की एक अलग मिसाल कायम की।
बाद में ओपी सिंह को प्रमोशन देकर लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने अपनी कार्यकुशलता से विभाग में अलग पहचान बनाई। अब उन्हें एसपी कासगंज के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी गई है।निस्संदेह, ओपी सिंह जैसे कर्मठ और ईमानदार अधिकारी किसी भी जिले के लिए सौभाग्य होते हैं।
बस्ती में उनका कार्यकाल और सीओ सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी के साथ उनकी जोड़ी आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कासगंज में भी उनसे ऐसी ही सशक्त और प्रभावी पुलिसिंग की उम्मीद की जा रही है।