
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. मामले में अब समतामूलक चौराहे से निशातगंज के बीच का सफर महज 5 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. क्योकि, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत इस नए रूट का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसे 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मामले में इन नए कॉरिडोर को लेकर एलडीए ने मंगलवार को इस परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 10 दिनों में काम को हर हाल में पूरा कर लिया जाए. ताकि, निर्धारित तिथि से इस रूट पर आवागमन शुरू हो सके. उन्होंने बताया कि इस नए रूट से न सिर्फ ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगा, बल्कि शहर के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी.
यात्रा होगी आसान
दरअसल ग्रीन कॉरिडोर आईआईएम रोड से किसान पथ तक लगभग 57 किलोमीटर लंबा है. इसके द्वितीय चरण में, समतामूलक चौराहे से निशातगंज के बीच करीब 130 करोड़ की लागत से तीन महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जा रहे हैं. इसमें 45 करोड़ की लागत से 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा कुकरैल 6-लेन ब्रिज बनाया जा रहा है.
जबकि कुकरैल से निशातगंज के बीच 40 करोड़ की लागत से 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा और सड़क निर्माण का काम हो रहा है. वहीं 45 करोड़ के खर्च से 240 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़े निशातगंज 6-लेन ब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है. एलडीए ने मुताबिक इन सबके अलावा इस पूरे स्ट्रेच पर कुकरैल और निशातगंज पर दो बड़े रोटरी (गोल चक्कर) का निर्माण भी किया जाएगा.
एलडीए उपाध्यक्ष ने क्या कहा?
एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि विकास कार्यों की प्रगति संतोषजनक है और 15 दिसंबर से इस नए रूट पर गाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा, उन्होंने निर्माण के समानांतर ही हॉर्टीकल्चर और सौंदर्यीकरण के काम भी साथ-साथ कराने के निर्देश दिए हैं.
एलडीए के मुख्य अभियंता के अनुसार, ग्रीन कॉरिडोर के तहत निशातगंज से हनुमान सेतु, हनुमान सेतु से डालीगंज और डालीगंज से पक्का पुल के मध्य भी ब्रिज, आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) और बंधे का निर्माण कराया जा रहा है, जो शहर के कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा.