महाराष्ट्र के जळगांव से किसानों के शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है… जहां कृषि सेवा केंद्रों पर खाद खरीदने के लिए किसानों को महंगी दवाइयां भी जबरन थमाई जा रही हैं… राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार गुट की महिला प्रदेशाध्यक्ष रोहिणी खडसे ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार और कंपनियों पर तीखा हमला बोला है…

खडसे का आरोप है कि खरीफ सीजन के चलते जहां एक ओर खाद की मांग बढ़ गई है… वहीं दूसरी ओर कृषि सेवा केंद्र किसानो को यूरिया और डीएपी जैसे जरूरी खाद देने के बदले महंगे कीटनाशक और दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं… उन्होंने कहा कि पहले ही खाद की कीमतों में 25 से 85 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है… ऐसे में दवाइयों का अतिरिक्त बोझ किसानों की कमर तोड़ रहा है…
रोहिणी खडसे ने इस ‘लिंकिंग’ व्यवस्था को किसानों की खुली लूट करार देते हुए सवाल उठाया कि आखिर सरकार किसके साथ खड़ी है… किसानों के या फिर कंपनियों के… उन्होंने कहा कि अगर कंपनियां अपने मुनाफे के लिए किसानों का शोषण कर रही हैं… तो उन पर लगाम लगाना सरकार की जिम्मेदारी है…
खडसे ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए… और जो कंपनियां किसानों को मजबूर कर रही हैं… उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए… ताकि किसानों को इस तरह की जबरन वसूली से राहत मिल सके…