मुंबई में आने वाले मानसून को देखते हुए महानगरपालिका ने नाले सफाई अभियान को तेज कर दिया है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने साफ निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई का काम नालेवार और दिनवार प्लानिंग के तहत किया जाए और इसे 31 मई 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस पूरे काम में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए सहायक अभियंता और उप अभियंता को मौके पर पूरे समय मौजूद रहना होगा। साथ ही हर दिन की प्रगति को कंप्यूटर सिस्टम में अपडेट करना भी अनिवार्य किया गया है। नालों में बहने वाले प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरे को रोकने के लिए जरूरी स्थानों पर जालियां लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अभिजीत बांगर ने 29 अप्रैल को पश्चिमी उपनगरों में चल रहे नाला सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान गोरेगांव पूर्व स्थित वालभट नदी, गोरेगांव पश्चिम में ओशिवरा नदी, बांद्रा पश्चिम के एसएनडीटी नाला और सांताक्रूज पश्चिम के नॉर्थ एवेन्यू नाला का दौरा किया गया।
निरीक्षण के दौरान वालभट नदी में बड़े पैमाने पर गाद जमा होने की समस्या सामने आई, जो संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से आने वाली मिट्टी के कारण बढ़ती है। बांगर ने निर्देश दिए कि निकाले गए गाद का समय पर निपटान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह दोबारा नदी में न पहुंचे।
इसके अलावा, मशीनों को नालों में उतारने के लिए बनाए जा रहे रैंप पर भी सख्त निगरानी रखने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रैंप निर्माण के दौरान नागरिकों में किसी भी तरह का भ्रम न फैले, इसके लिए स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं।
गोरेगांव के ओबेरॉय मॉल क्षेत्र में हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए बांगर ने स्थायी समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कलवर्ट की सफाई, चौड़ीकरण और उसमें जमा मलबे को हटाने के निर्देश दिए, साथ ही पूरे काम का वीडियो रिकॉर्डिंग करने को भी कहा।
ओशिवरा नदी और आसपास के नालों के पास बनाए जा रहे पंपिंग स्टेशनों का भी जायजा लिया गया। अंधेरी के डीएन नगर और विले पार्ले क्षेत्र में जल निकासी सुधार के लिए चल रहे प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बांद्रा के एसएनडीटी नाला क्षेत्र में कई छोटे नालों के मिलने से जलभराव की समस्या होती थी, लेकिन हाल ही में किए गए सुधार कार्यों से स्थिति में सुधार आया है। हालांकि कुछ जगहों पर अभी भी पानी भरने की समस्या बनी हुई है, जिसे जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
महानगरपालिका ने साफ किया है कि मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि मुंबई में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके।