
मुंबई में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (उबाठा गुट) और इसके नेता संजय राऊत पर जोरदार हमला बोला है।
भाजपा नेता नवनाथ बन ने दावा किया कि आदित्य ठाकरे के कार्याध्यक्ष बनने के बाद उबाठा गुट में अंदरूनी बदलाव हो सकते हैं और इसी कारण संजय राऊत को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राऊत को अन्य राज्यों की राजनीति पर टिप्पणी करने के बजाय अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि संजय राऊत लगातार आसाम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की राजनीतिक स्थिति पर बयान दे रहे हैं, जबकि उनकी अपनी पार्टी महाराष्ट्र में कमजोर स्थिति का सामना कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की राजनीति को लेकर निर्णय लेने के लिए 140 करोड़ जनता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सक्षम हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां जनता बदलाव के मूड में है और भाजपा के पक्ष में रुझान दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में मतदाता बड़ी संख्या में मतदान के लिए आगे आ रहे हैं, जो परिवर्तन का संकेत है।
महिला मोर्चा और विभिन्न आंदोलनों को लेकर भी नवनाथ बन ने संजय राऊत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण के समर्थन में निकाले गए मोर्चे को लेकर आलोचना करना गलत है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अन्य आंदोलनों पर राऊत की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
इसके अलावा बारामती और राहुरी में होने वाले संभावित राजनीतिक मुकाबलों का जिक्र करते हुए नवनाथ बन ने दावा किया कि वहां महायुति को जनता का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बारामती में पवार परिवार के भीतर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की स्थिति बनी हुई है, लेकिन जनता का समर्थन महायुति के साथ है।
कुल मिलाकर, नवनाथ बन के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है।